I Really Don’t Know What Should Be The Caption

मैं आज हताश हूँ, निराश हूँ, अपने ही देश के लोगों से,
बाँट कर रख दिया इस देश को पत्थर की चोटों से,

जिस देश को एकता की मिसाल कहा जाता था,
जहाँ सब मिल कर रहते हैं कभी स्कूल में पढ़ा था,

सोचा था चलेंगे उम्र भर यूँ ही साथ साथ,
पर वही लोग खड़े हैं लिए पत्थर अपने हाथ,

भर गई है कड़वाहट दिलों में इस क़दर,
लोग भटके फिर रहे हैं सड़कों पे दर बदर,

बिछ गयी हैं लाशें, सन्नाटा है बाजार में,
दिल्ली डूब गई है, मेरे लोगों की चीख पुकार में,

पर गर्व है मुझे इस बात पर आज भी,
कुछ लोग जो कल साथ थे, वो साथ हैं आज भी,
नफरत की आग फैलाई तो गई है,
पर ज़मीर जिनके ज़िंदा थे कल वो ज़िंदा हैं आज भी..!!

सुना कुछ लोगों को हसद करते हुए मैंने,
रुक कर थोड़ी देर फिर सोचा मैंने,

चलो कोई तो हैं जिनकी हंसी बरकरार है इस हादसे के बाद,
खुदा करे, ऐसे लोग भी होते रहें आबाद,

कुछ लोगो ने कहा… मुसलमानो आजाओ एक साथ,
कुछ ने कहा.. हिन्दुओं आजाओ एक साथ,

भूल गया हर कोई उस देश का नाम,
जिसके लिए शुरू किया था ये सब अभियान,

किसी ने नहीं पुकारा किसी हिंदुस्तानी को,
नहीं कहा किसी ने… हिंदुस्तान आजाओ एक साथ,

कोई बोले अल्लाह तो कोई बोले जय श्री राम,
अगर तुम हो इंसान तो क्यों नहीं इंसानियत का नाम,

चंद सियासी लोगों की उँगलियों पर नाचने वालों,
तुम आज हो कल नहीं रहोगे ये मानो,
ये सियासत आज तक किसी की सगी नहीं हुई,
तुम इन्ही मासूम लोगों के बीच रहने वाले हो, ये जानो..!!



Categories: News

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